घर या घोंसला
घोंसला तो बनाने दो
उसे तोड़ो तो मत
तिनके तो जमा करने दो
उलझाओ तो मत
जब तुम घर बनाते हो
उसे खूब सजाते हो
मैं ढूंढ ढूंढ कर लाता हूँ
हर तिनका चोंच से उठाता हूँ
तुम्हें घर के सामने
समुद्र और हरियाली चाहिए
मैं खोजता रह जाता हूँ
पर हर पेड़ सूखा सा मिलता है
तुम्हें जो जगह पसंद आती है
तुम खरीद कर घर बनाते हो
हम इस लेन देन से दूर
हर जगह खुद की समझते है
घोंसला तो बनाने दो
उसे तोड़ो तो मत
तिनके तो जमा करने दो
उलझाओ तो मत
तुम्हारे घर की हर चीज
बेहद क़ीमती और अनोखी है
मेरे घर की बनावट में
छुपी हुई मेहनत दिखती नहीं
तुम्हारे बच्चों के पास भी
रहते है कमरे खुद के
मेरा है छोटा सा आशियाना
पर रहती है खुशियां बहुत
दीवारों खिड़कियों से बना हर घर
तुम्हें है छोटा लगता
रहकर देखो साथ मेरे
घर मुझे मेरा बड़ा लगता
रात को बस सोते उस घर में
रहते तो हर समय बाहर
छोटे से मेरे घर मे
चहल पहल रहती हरदम
प्रकृति ने जब बनाया हमको
मिलजुल कर रहते थे हम
पढ़ लिख कर तुमने घर बनाए
हम अनपढ़ रह गए घोंसले में.
बहुत ख़ूब 👏👏👏👏
जवाब देंहटाएंबहुत ख़ूब 👏👏👏👏
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