आंखें तो बस आंखें हैं
आंखों की खूबसूरती को क्या बयां करें हाल-ए-दिल बताने का जरिया है आंसुओं की बहती धार की नमी या गहरे काजल की लकीर आंखें तो बस आंखें हैं काले भूरे मोतियों सी बड़ी बड़ी पलकों में झुकती सी आंखें इशारों इशारों में शरमाती सी आंखें गुस्से में सुर्ख लाल सी आंखें आंखें तो बस आंखें हैं इंतजार में किसी की रुकी सी आंखें हंसी के साथ कुछ बंद सी आंखें प्यार में किसी के दीवानी सी आंखें तकरार में किसी से नाराज सी आंखें आंखें तो बस आंखें हैं गम में जैसे पानी में भरी आंखें मस्ती में किसी से उलझी आंखें ख्वाबों में जैसे खोई सी आंखें चिंता में जैसे थकी सी आंखें आंखें तो बस आंखें है शिकायतों में थोड़ी बड़ी सी आंखें थकान में थोड़ी चढ़ी सी आंखें सुकून में जैसे शांत सी आंखें आंखें तो बस आंखें हैं - वर्षा खेमानी (उलझी)